भक्तमिच्छसि वा विष्णो
तथाप्येतस्य चेटिकां
भगिनीं शक्ति-रूपां माम्
कृपया भज भक्ति-दाम
अर्थात, "या यदि आप विष्णु के प्रति भक्ति चाहते हैं, तब भी आपको दयालु होना चाहिए और मुझे पूजा करना चाहिए, जो भक्ति प्रदान करती हूँ, क्योंकि मैं उनकी दासी हूँ, उनकी बहन हूँ और उनकी ऊर्जा का अवतार हूँ।" (बृहद-भागवतामृत २.३.२८)
