ज्ञात्वा भगवता तेन
दृष्ट्यादिष्टस्य नन्दिनः
उपदेशेन शुद्धेन
स्वयं मे ’स्फुरद् अञ्जसा
अनुवाद
भगवान शिव ने मेरे विचारों को पढ़कर, नन्दीश्वर को ज्ञानपूर्ण दृष्टि से आदेश दिया, और नन्दीश्वर के शुद्ध मार्गदर्शन से तथ्य मेरे सामने सहज ही प्रकट हो गये।
Lord Shiva, reading my thoughts, commanded Nandiswara with a wise look, and under Nandiswara's pure guidance, the facts were revealed to me effortlessly.
तात्पर्य
प्रभु शिव, जो सर्वश्रेष्ठ योगी थे, तुरंत जान गए कि गोपा-कुमार क्या सोच रहे हैं और उन्होंने मात्र नंदिश्वर की ओर देखकर अपनी इच्छा प्रकट कर दी कि नंदिश्वर इस मामले को स्पष्ट करें। श्रील सनातन गोस्वामी इस पद पर अपनी टिप्पणी में कहते हैं कि नंदिनः का अर्थ या तो प्रभु शिव के प्रमुख सेवक नंदिश्वर हो सकता है, या फिर उनके वाहन बैल नंदी हो सकता है, जो परमेश्वर के आंशिक विस्तार से उत्पन्न हुए थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥