संकीर्तन से ध्यान का आनंद बढ़ता है, और ध्यान से संकीर्तन का मधुर आनंद। हमारे अपने अनुभव में, ये दोनों विधियाँ एक-दूसरे को सुदृढ़ बनाती हैं और इसलिए वास्तव में एक ही हैं।
Sankirtan enhances the joy of meditation, and meditation enhances the sweet joy of sankirtan. In our own experience, these two methods reinforce each other and are therefore, in fact, one and the same.
तात्पर्य
वैकुण्ठ दूतों का अपना मत है कि ध्यान और कीर्तन दोनों ही लाभदायक हैं। दोनों विधियां एक दूसरे का सहयोग करती हैं, और क्योंकि एक या दूसरी अलग-अलग समय, स्थानों और परिस्थितियों में अधिक उपयुक्त हो सकती है, उनकी आपसी निर्भरता भ्रम का कारण नहीं होनी चाहिए। दोनों में से कोई भी अलग किया जा सकता है, लेकिन अंततः, एक दूसरे के बिना कोई भी पूर्ण नहीं है। भले ही कौन सा कारण के रूप में कार्य करता हो और कौन सा प्रभाव, दोनों अनिवार्य रूप से अलग नहीं हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥