श्री-भगवत्-पार्षदा ऊचुः
अस्मद्-ईश्वर-सन्-मन्त्रो-
पासकोमा-पति-प्रिय
गोप-नन्दन भक्तेषु
भवन्तं गणयेम हि
अनुवाद
भगवान के पार्षदों ने कहा: हे भगवान के दिव्य मंत्र के उपासक, हे उमा के पति के प्रिय, हे ग्वालपुत्र, हम आपको भगवान के भक्तों में गिनते हैं।
The Lord's associates said: O worshipper of the Lord's transcendental mantra, O beloved of Uma's husband, O son of cowherds, we count you among the Lord's devotees.
तात्पर्य
इन मधुर वचनों के साथ वैकुंठ-दूतों ने गोप-कुमार को आश्वासन दिया कि वह भी वैकुंठ में प्रवेश करने के योग्य है। सामान्यतः, जो लोग प्रामाणिक विष्णु-मंत्रों की यथोचित पूजा करते हैं, वे शुद्ध वैष्णव बन जाते हैं, और शुद्ध वैष्णव वैकुंठ में निवास कर सकते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥