श्री-महादेव उवाच
हे श्री-वैष्णव पार्वत्या
सहाहम् अपि कामये
तस्मिन् वैकुण्ठ-लोके तु
सदा वासं भवान् इव
अनुवाद
श्री महादेव ने कहा: हे वैष्णव, पार्वती और मैं दोनों ही, तुम्हारी तरह, उस वैकुंठ लोक में सदा रहना चाहते हैं।
Sri Mahadev said: O Vaishnava, both Parvati and I, like you, want to live forever in that Vaikuntha Loka.
तात्पर्य
भगवान शिव कहते हैं कि उनके और उनकी पत्नी में जो इच्छा है वही गोपकुमार में भी है। क्योंकि भगवान शिव और गोप कुमार में एक सी इच्छा है तो इससे यह भी पता चलता है कि गोपकुमार को कुछ समय के लिए भगवान शिव के ग्रह पर आकर उनके साथ रहना चाहिए।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥