गोपा-कुमार पहले मथुरा-मंडल लौटते हैं, जहाँ परम भगवान के शब्दों की सच्चाई उन्हें दिखाई जाती है। भगवान ने घोषणा की थी कि श्री मथुरा कभी भी समय के प्रभाव से परेशान नहीं होता है, और अब गोपा-कुमार इसे खुद देखते हैं। जबकि वह उच्च ग्रहों पर दूर थे, पृथ्वी का बाकी हिस्सा पूरी तरह से बदल गया था, और वहाँ से पहले रहे देवता, मानव और अन्य जीवों का कोई निशान नहीं रह गया था।
