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श्लोक 2.1.68  |
माधवं नम चालोक्य
प्रतिरूपं जगत्-प्रभोः
ततो ’चिराद् इदं सर्वं
परं च ज्ञास्यसि स्वयम् |
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| अनुवाद |
| बस भगवान माधव को प्रणाम करो और उन्हें, ब्रह्मांड के स्वामी के प्रत्यक्ष स्वरूप को देखो। और जल्द ही तुम स्वयं यह सब और उससे भी अधिक समझ जाओगे। |
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| Simply bow to Lord Madhava and see Him, the Lord of the Universe in His manifest form. And soon you will understand all this and more for yourself. |
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