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श्लोक 2.1.214  |
एवं संवत्सरे जाते
मया तत्रैकदा श्रुतम्
मथुरायाः प्रायातेभ्यो
’त्रत्य-वृत्तं विशेषतः |
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| अनुवाद |
| इस प्रकार एक वर्ष बीत गया और फिर एक दिन मैंने मथुरा से आये हुए आगंतुकों से मथुरा के बारे में विस्तृत समाचार सुना। |
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| In this way a year passed and then one day I heard detailed news about Mathura from visitors who had come from Mathura. |
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