ब्राह्मण के वचनों के प्रति आदर के कारण, मैं एकांत स्थानों में, दूसरों की नज़रों से बचकर, लगातार इस मंत्र का जाप करता था। मैं बस जिज्ञासावश इसका जाप करता था।
Out of respect for the Brahmin's words, I would chant this mantra continuously in secluded places, out of the sight of others. I chanted it simply out of curiosity.
तात्पर्य
गोपा-कुमार को मंत्र की वास्तविक प्रकृति की अपनी अज्ञानता के प्रति शर्म आती थी, इस कारण सार्वजनिक जगह पर उनको मंत्रोच्चारण करने में संकोच होता था। पर यह अवश्य था कि मंत्र की आवाज़ उन्हें बहुत मोहक लगती थी।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥