श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 1: प्रथम-खण्ड: श्री भगवत कृपा सार निधार  »  अध्याय 7: पूर्ण (उत्कृष्ट भक्तों का शिखर)  »  श्लोक 62
 
 
श्लोक  1.7.62 
भवान् प्रत्येतु सत्यं मे
स-प्रतिज्ञम् इदं वचः
इत्थं प्रसङ्ग-सङ्गत्या
मुग्ध-भावं जहौ प्रभुः
 
 
अनुवाद
"मेरे इन वचनों पर विश्वास करो। ये मेरी दृढ़ प्रतिज्ञा हैं।" इस प्रकार उस क्षण की परिस्थितियों ने भगवान कृष्ण को अपना भ्रम भुला दिया।
 
"Believe these words of mine. These are my firm vows." Thus the circumstances of that moment made Lord Krishna forget his delusion.
तात्पर्य
कृष्ण का विमोह वास्तव में परम प्रेम-रस में उनका पूर्ण आनंद था, पर फिलहाल उन्हें उन आनंदोत्सवों से दूर रहना था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)