पुरा तद्-अर्थानुभवाद् इवासौ
कथञ्चिद् आदित्य-सुतावलम्ब्य
शमं समं प्राज्ञ-वरोद्धवेन
बलाद् विकृष्यावरुरोध ते द्वे
अनुवाद
सूर्यदेव की पुत्री कालिंदी ने कृष्ण को पहले भी ऐसे ही देखा था। अत्यंत बुद्धिमान होने के कारण, उसने किसी तरह अपने आप को शांत किया। उसने और उद्धव ने सत्यभामा और पद्मावती को पकड़कर वापस खींच लिया।
Kalindi, the daughter of the Sun God, had seen Krishna like this before. Being extremely intelligent, she somehow calmed herself down. She and Uddhava grabbed Satyabhama and Padmavati and pulled them back.
तात्पर्य
द्वारका की रानी कालिंदी और वृन्दावन की नदी यमुना एक ही व्यक्ति हैं। इसलिए द्वारका की रानियों में केवल वही थीं जिन्होंने कृष्ण को उनके चरवाहे के दिनों में जाना था। यह कम से कम एक बाहरी कारण है कि कालिंदी इस स्थिति में संयम बनाए रखने में सक्षम थीं; लेकिन तथ्य यह है कि उन्हें कृष्ण की घबराहट को दूर करने के लिए ब्रह्मा की योजना को पूरा करने में मदद करने के लिए भी शांत रहने के लिए संघर्ष करना पड़ा। कालिंदी ने सत्यभामा और उद्धव को पकड़ लिया और पद्मावती को पकड़ लिया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥