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श्लोक 1.7.121  |
बलदेवं कृत-स्नानं
प्रवेश्य कृतिना तदा
द्वारान्ते नारदस् तिष्ठेद्
इति विज्ञापितो विभुः |
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| अनुवाद |
| कुशल उद्धव ने बलदेव को स्नान कराकर भीतर बुलाया। तब उद्धव ने भगवान कृष्ण को बताया कि नारद द्वार पर खड़े हैं। |
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| The skilled Uddhava bathed Baladeva and invited him in. Then Uddhava informed Lord Krishna that Narada was standing at the door. |
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