किन्त्व् अस्मासूद्धवः श्रीमान्
परमानुग्रहास्पदम्
यादवेन्द्रस्य यो मन्त्री
शिष्यो भृत्यः प्रियो महान्
अनुवाद
परन्तु हम में से धन्य उद्धव को कृष्ण की परम कृपा प्राप्त हुई है। वह परम पूज्य भगवान यादवेन्द्र के सलाहकार, उनके शिष्य, उनके सेवक और उनके परम प्रिय मित्र हैं।
But among us, the blessed Uddhava has received Krishna's supreme grace. He is the advisor, disciple, servant, and dear friend of the Most Revered Lord Yadavendra.
तात्पर्य
नारद के प्रति सम्मान के कारण, यादव अपने संदेहों को एक ओर रखकर और उनकी बातों को सच मानकर बाध्य महसूस करते हैं। अंततः वे अपने गौरव का खंडन नहीं कर सकते, क्योंकि वे सभी महिमाएँ कृष्ण से अविभाज्य रूप से जुड़ी हुई हैं। सभी यादव सिर्फ एक श्रेष्ठ भक्त, श्रीमान उद्धव की बड़ी महिमाओं को प्रस्तुत करके अपनी महिमाओं को न्यूनतम करने का प्रयास कर सकते हैं। जब यादव राजकुमार द्वारका की शाही सभा में बैठते हैं, तो वे राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण मामलों पर कृष्ण के साथ विचार-विमर्श करने के आदी होते हैं। परन्तु यादवों में से कोई भी खुद को उद्धव जैसा मूल्यवान सलाहकार नहीं मान सकता।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥