पुराइव पुंसाधृतो धरा-ज्वरो
भवद्भिरंशैर्यदुषूपजन्म्यतम्
स यावदूर्व्या भरमीश्वरेश्वरः
स्व-काल-शक्त्या क्षपयांश्चरेद् भुवि
"हमने भगवान को अपनी याचिका प्रस्तुत करने से पहले ही, वह पृथ्वी पर परेशानी के बारे में पहले से ही जागरूक थे। इसलिए, जब तक समय के रूप में अपनी ही शक्ति से पृथ्वी के बोझ को कम करने के लिए भगवान पृथ्वी पर चलते हैं, तब तक आप सभी देवताओं को यदुओं के परिवार में पूर्ण अंशों के रूप में पुत्रों और पोतों के रूप में प्रकट होना चाहिए।
वासुदेव-गृह साक्षाद
भगवान् पुरुषः परः
जनिष्यते तत्-प्रीयर्थं
सम्भवन्त्वमर-स्त्रियः
"सुप्रीम पर्सनैलिटी ऑफ गॉडहेड, श्री कृष्ण, जिनके पास पूरी शक्ति है, व्यक्तिगत रूप से वसुदेव के पुत्र के रूप में प्रकट होंगे। इसलिए सभी देवी-देवताओं की पत्नियों को भी उन्हें संतुष्ट करने के लिए प्रकट होना चाहिए।
वासुदेव-कलानान्तः
सहस्र-वदनः स्व-राज
अग्रतो भविता देवो
हरिः प्रिय-चिकीर्षया
"कृष्ण की सबसे महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति संकर्षण है, जिन्हें अनंत के रूप में जाना जाता है। वह इस भौतिक दुनिया में सभी अवतारों की उत्पत्ति है। भगवान कृष्ण के प्रकट होने से पहले, यह मूल संकर्षण बलदेव के रूप में प्रकट होगा, बस अपने पारलौकिक लीलाओं में सर्वोच्च भगवान कृष्ण को खुश करने के लिए।
विष्णोर माया भगवती
यया सम्मोहितं जगत्
आदिष्टा प्रभुणांशेन
कार्यार्थे सम्भवष्यति
"भगवान की शक्ति, जिसे विष्णु-माया के रूप में जाना जाता है, जो सुप्रीम पर्सनैलिटी ऑफ गॉडहेड के समान ही अच्छी है, भगवान कृष्ण के साथ भी दिखाई देगी। यह क्षमता, विभिन्न क्षमताओं में कार्य करते हुए, भौतिक और आध्यात्मिक दोनों दुनिया को आकर्षित करती है। अपने गुरु के अनुरोध पर, वह भगवान के काम को निष्पादित करने के लिए अपनी विभिन्न शक्तियों के साथ दिखाई देगी।" (भागवतम् 10.1.22-25)
