श्री महेश बोले: हे नारद, कृष्ण के परम भक्तों के दर्शन की उत्सुकता के कारण तुम अपनी स्मृति खो बैठे हो। क्या तुम्हें याद नहीं कि वैकुंठ के स्वामी इस समय पृथ्वी पर, द्वारका में निवास कर रहे हैं?
Shri Mahesh said: O Narada, you have lost your memory because of your eagerness to see the supreme devotees of Krishna. Do you not remember that the Lord of Vaikuntha is now residing on earth, in Dwaraka?
तात्पर्य
नारद को वैकुंठ के स्वामी और उनकी पत्नी की महिमा द्वारा विचलित होने के लिए दोष नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि नारायण और महा-लक्ष्मी वास्तव में सर्व-आकर्षक सर्वोच्च जोड़े हैं। लेकिन नारद अब उन्हीं नारायण और महा-लक्ष्मी को इतनी दूर यात्रा किए बिना भी देख सकते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥