श्री परीक्षित बोले: हे माता, अपने पुत्र के स्नेही रक्षक, नारद ने अपने गुरु ब्रह्माजी को प्रणाम किया। जब ब्रह्माजी ने अपने पुत्र नारद को कैलाश जाने के लिए उत्सुक देखा, तो ब्रह्माजी ने उन्हें कुछ और बताया।
Shri Parikshit said: O mother, Narada, the loving protector of his son, bowed to his guru, Brahma. When Brahma saw his son Narada eager to go to Kailash, he told him something else.
तात्पर्य
एक पिता का सम्मान एक आध्यात्मिक गुरु के रुप में करना चाहिए, और भी ज्यादा अगर उसने कृष्ण चेतना के महत्वपूर्ण निर्देश दिए हो। जीवित प्राणियों में ब्रह्मा सभी पिताओं के पिता है, और उन्होंने अपने अंतिम पुत्र, नारद को खुद श्रीमद भागवत का विज्ञान सिखाया था। क्योंकि ब्रह्मा भौतिक ब्रह्मांड के अंदर सर्वज्ञ है, वह जानते थे कि नारद ब्रह्मांड में भगवान शिव के निवास, कैलाश पर्वत जाना चाहते थे। यह देखते हुए कि नारद ब्रह्मलोक से कैलाश की दिशा में निहार रहे थे, ब्रह्मा ने एक बेहतर विचार सुझाने का फैसला किया।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥