आपकी सभा में सत्य को प्रकट करने वाले वेद, पुराण तथा अन्य शास्त्र साक्षात् उपस्थित हैं, जो आपके चारों मुखों से उत्पन्न हुए हैं।
The Vedas, Puranas and other scriptures that reveal the truth are present in your assembly, which have originated from your four mouths.
तात्पर्य
हालांकि चारों वेद नित्य हैं, वे समय-समय पर भौतिक संसार में प्रवेश करते हैं, प्रत्येक ब्रह्मा के दिन की शुरुआत में, जब एक वेद उनके चार मुंह में से प्रत्येक से प्रकट होता है। इसलिए, ब्रह्मा वेदों के लेखक नहीं हैं, जिनमें सभी आध्यात्मिक और भौतिक ज्ञान शामिल हैं, लेकिन वह इस ब्रह्मांड में वैदिक ज्ञान के पहले प्राधिकार, आदि-कवि हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥