श्री बृहत् भागवतामृत  »  खण्ड 1: प्रथम-खण्ड: श्री भगवत कृपा सार निधार  »  अध्याय 2: दिव्य (दैवीय स्तर)  »  श्लोक 26
 
 
श्लोक  1.2.26 
एक-मूर्तिस् त्रयो देवा
रुद्र-विष्णु-पितामहाः
इत्य्-आदि-शास्त्र-वचनं
भवद्भिर् विस्मृतं किम् उ
 
 
अनुवाद
“शास्त्रों के अनुसार, ‘तीनों देवता रुद्र, विष्णु और ब्रह्मा एक ही परमात्मा के अवतार हैं।’ क्या आप भूल गए हैं?”
 
“According to the scriptures, ‘The three gods Rudra, Vishnu and Brahma are incarnations of the same Supreme Being.’ Have you forgotten?”
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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